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शनिवार, 9 अक्टूबर 2021
मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021
कैसे कह दूँ की अब घात होगी नही ...
तुम झुकोगे नहीं बात होगी नही.
ज़िन्दगी भर मुलाक़ात होगी नही.
थाम लो हाथ किस्मत से मिलता है ये,
उम्र भर फिर ये सौगात होगी नही.
आज मौका मिला है तो दामन भरो,
फिर ये खुशियों की बरात होगी नहीं.
धूप ने है बनाया अँधेरों में घर,
देखना अब कभी रात होगी नही.
दिल में नफरत के दीपक जो जलते रहे,
मीठे पानी की बरसात होगी नही.
सच के साहस के आगे टिके रह सके,
झूठ की इतनी औकात होगी नही.
घर के बाहर है दुश्मन तो अन्दर भी है,
कैसे कह दूँ की अब घात होगी नही.
बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
हम भी किसी हसीन की आहों में आ गए ...
कुछ यूँ फिसल के वो मेरी बाहों में आ गए
ना चाहते हुए भी निगाहों में आ गए
सच की तलाश थी में अकेला निकल पड़ा
जुड़ते रहे थे लोग जो राहों में आ गए
हम भीगने को प्रेम की बरसात में सनम
कुछ देर बादलों की पनाहों में आ गए
था प्रेम उनसे उनके लगे झूठ सच सभी
ना चाह कर भी उनके गुनाहों में आ गए
मशहूर हो गया है हमारा भी नाम अब
हम भी किसी हसीन की आहों में आ गए
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