स्वप्न मेरे: मेरे पहलू में इठलाए, तो क्या वो इश्क़ होगा ...

सोमवार, 18 मार्च 2019

मेरे पहलू में इठलाए, तो क्या वो इश्क़ होगा ...


तेरी हर शै मुझे भाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 
मुझे तू देख शरमाए, तो क्या वो इश्क़ होगा  

हवा में गूंजती है जो हमेशा इश्क़ बन कर  
वो सरगम सुन नहीं पाए तो क्या वो इश्क़ होगा 

पिए ना जो कभी झूठा, मगर मिलने पे अकसर 
गटक जाए मेरी चाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

सभी से हँस के बोले, पीठ पीछे मुंह चिढ़ाए
मेरे नज़दीक इतराए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

हज़ारों बार हाए, बाय, उनको बोलने पर    
पलट के बोल दे हाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

सभी रिश्ते, बहू, बेटी, बहन, माँ, के निभा कर 
मेरे पहलू में इठलाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

तुझे सोचा नहीं होता अभी पर यूँ अचानक 
नज़र आएं तेरे साए तो क्या वो इश्क़ होगा 

हवा मगरिब, मैं मशरिक, उड़ के चुन्नी आसमानी 
मेरी जानिब चली आए तो क्या वो इश्क़ होगा 

उसे छू कर, मुझे छू कर, कभी जो शोख तितली  
उड़ी जाए, उड़ी जाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

तेरी पाज़ेब, बिन्दी, चूड़ियाँ, गजरा, अंगूठी 
जिसे देखूं वही गाए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

मुझे तू एक टक देखे, कहीं खो जाए, पर फिर 
अचानक से जो मुस्काए, तो क्या वो इश्क़ होगा 

42 टिप्‍पणियां:

  1. यूँ हर बात पे ज़िक्र उनका
    यकीनन ये इश्क़ ही होगा...
    बेहद खूबसूरत रुमानी ग़ज़ल सर...वाहह👌👌

    जवाब देंहटाएं
  2. मुझे तू एक टक देखे, कहीं खो जाए, पर फिर
    अचानक से जो मुस्काए, तो क्या वो इश्क़ होगा
    वाह !!! बहुत खूब.....,सादर नमस्कार

    जवाब देंहटाएं
  3. वाह! बहुत खूब ..., अति सुन्दर ।

    जवाब देंहटाएं
  4. क्या बात है क्या बात है सर! यक़ीनन इश्क ही होगा।

    जवाब देंहटाएं
  5. तुझे सोचा नहीं होता अभी पर यूँ अचानक
    नज़र आएं तेरे साए तो क्या वो इश्क़ होगा
    हाँ ! इश्क होगा... यकीनन इश्क ही होगा...और कमाल का इश्क होगा...
    वाह वाह....बहुत ही लाजवाब।

    जवाब देंहटाएं
  6. वाह ! यकीनन इश्क होगा और इश्क के सिवा कुछ भी न होगा..वैसे भी होली का मौसम है जिसमें हर दिल कृष्ण और राधा बन जाता है...शुभकामनायें रंगों के उत्सव की

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी ... सच कहा है आपने ...
      राधा कृष्ण तो प्रथम वाहक हैं प्रेम के ...

      हटाएं
  7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  8. इतनी उम्दा लेखन हो तो अवश्य ही इश्क होगा, आदरणीय नसवा जी।
    जेहन में इश्क का ही बोलबाला हो चला है इस रचना को पढ़कर, उपर से होली के इश्क का मौसम। बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएं ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. होली और इश्क में तो वैसे भी चोली दमन का साथ है ...
      बहुत आभार आपका पुरुषोत्तम जी ...

      हटाएं
  9. बहुत ख़ूब मित्र !
    सवालों में इतना वक़्त ज़ाया कर दिया. अब तक तो हम आपकी बारात में शामिल होकर अपने घर वापस भी आ गए होते.

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सर पूरी जिंदगी का सवाल होता है ... पहले ठोक बजा के पक्का तो कर लिया जाए इश्क़ है भी की नहीं ...
      बहुत आभार आपका ...

      हटाएं
  10. एक के बाद एक हर पंक्ति गुदगुदाती चलती है. बातें सवालिया सही लेकिन इश्क़िया भी तो है. बहुत ही उम्दा रचना.

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपके अनुमोदन का आभार है ... होली के आसपास इश्किया तो सब कुछ हो जाता है ...

      हटाएं
  11. बहुत सुंदर रचना....आप को होली की शुभकामनाएं...

    जवाब देंहटाएं
  12. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन बुरा मानना हो तो खूब मानो, होली है तो है... ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

    जवाब देंहटाएं
  13. बहुत खुबसुरत रचना, दिगंबर जी।

    जवाब देंहटाएं
  14. पहली बार अपनी पुस्तक प्रकाशित कराने जा रहे हैं, तो ये स्पेशल स्वयं प्रकाशन योजना आपके लिए ही है। इस योजना को नये लेखकों लिए तैयार किया गया है। ताकि उन्हे Published Author बनने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो सके।
    हमारा उद्देश्य : कम बज़ट में उच्च क्वालिटी की पुस्तकों का प्रकाशन एवं उच्चतम रॉयल्टी प्रतिशत (Highest Royalty Percentage)।
    योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए 9760417980 पर Whastsapp करें
    या
    विजिट करें - https://www.prachidigital.in/special-offers/
    हम नंबर 1 नहीं है, लेकिन बेहतर कार्य हमारा उद्देश्य है - प्राची डिजिटल पब्लिकेशन

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत आभार सम्पादक जी ... यदि ऐसा विचार आया तो जरूर संपर्क करूँगा ... आपका आभार यहाँ तक आने के लिए ...

      हटाएं

  15. Erkunde die Möglichkeiten, wie DORA das Risikomanagement im Finanzsektor verbessert. Aus meiner eigenen Erfahrung heraus habe ich festgestellt, dass die Implementierung von DORA-Richtlinien eine wesentliche Rolle bei der Stärkung der Cybersicherheit spielt. Insbesondere durch gezielte cybersecurity weiterbildung wird das Personal befähigt, besser auf Bedrohungen zu reagieren und Sicherheitslücken effizienter zu schließen. Diese Weiterbildungen sind entscheidend, um den Anforderungen des digitalen Zeitalters gerecht zu werden und können hervorragend über Plattformen wie https://csvisor.de/ organisiert werden. Mir hat es ungemein geholfen, die komplexen Herausforderungen im Bereich der digitalen Sicherheit mit einem gestärkten Wissen anzugehen.

    जवाब देंहटाएं

आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है