आँखों से निकली बातें
यहाँ वहाँ बिखरी बातें
अफवाहें, झूठी, सच्ची
फ़ैल गईं कितनी बातें
मुंह
से निकली खैर नही
जितने मुंह उतनी बातें
फिरती हैं आवारा सी
कुछ बस्ती ,बस्ती बातें
बातों
को जो ले बैठा
सुलझें ना उसकी बातें
जीवन, मृत्यू, सब किस्मत
बाकी बस रहती बातें
कानों, कानों, फुस, फुस, फुस
बिन पैरों चलती बातें