स्वप्न मेरे: कायनात का सृजन ...

बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

कायनात का सृजन ...

बरसों पहले अपने ही सृजन को पूर्ण करने
बुना होगा कायनात ने एक लम्हा
क़तरा-क़तरा जोड़ी होगी हर साँस
रहती है जिसमें ज़िंदगी की आहट, सपनों की उड़ान
जोड़ी होगी लम्हा दर लम्हा हर ख़ुशी
जो कर सके कायनात के सृजन को पूर्ण

याद आया ...
आज ही तो उस लम्हे ने आँख खोली थी
और ये बसंत ... ये भी तो उसी दिन आया था
कायनात के उस अपूर्ण सृजन में ...

हालाँकि ये राज़ जो मेरे और कायनात के दरमियाँ है
पर आज सब को बताने का मन करता है

मैं हूँ वो अपूर्ण सृजन और तुम हो वो सजीव लम्हा
जिसकी इब्तदा आज हुयी मेरे और सिर्फ़ मेरे लिए

जनम-दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ मेरे जंगली गुलाब
मेरे और सिर्फ़ मेरे सजीव लम्हे को ...
#जंगली_गुलाब

10 टिप्‍पणियां:

  1. शुभकामनाएं जन्मदिन पर जंगली गुलाब |

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  2. वाह नासवा जी, बसंत..सृजन...और जीवन ..सभी की एकसाथ समीक्षा कर दी क‍ि ''मैं हूँ वो अपूर्ण सृजन और तुम हो वो सजीव लम्हा
    जिसकी इब्तदा आज हुयी मेरे और सिर्फ़ मेरे लिए...'' वाह क्या बात है...

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  3. जंगली गुलाब के जन्मद‍िन की हार्द‍िक शुभकामनायें... #रामरामसा

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  4. मैं हूँ वो अपूर्ण सृजन और तुम हो वो सजीव लम्हा
    जिसकी इब्तदा आज हुयी मेरे और सिर्फ़ मेरे लिए
    समर्पित भाव से सृजित बहुत सुन्दर सृजन । आपकी प्रेरणा व आपको उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

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  5. बेहद खूबसूरत एहसास से गढ़ी गयी सुंदर रचना सर।
    मैम को जन्मदिन की शुभकामनाएँ। जंगली गुलाब ताउम्र आपके जीवन में खुशबू बिखेरे यही कामना करती हूँ।
    सादर।
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    जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार ९ फरवरी २०२४ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

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  6. प्रेम के अति सुंदर एहसासों से बुनी सुंदर रचना, बहुत बहुत शुभकामनाएँ !!

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  7. मैं हूँ वो अपूर्ण सृजन और तुम हो वो सजीव लम्हा
    जिसकी इब्तदा आज हुयी मेरे और सिर्फ़ मेरे लिए
    हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई आपकी सम्पूर्णता को...जंगली गुलाब से आपका जीवन यूँही महकता रहे...लाजवाब सृजन।

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