स्वप्न मेरे: अभी जगजीत की गजलें सुनेंगे ...

सोमवार, 24 जून 2019

अभी जगजीत की गजलें सुनेंगे ...

अंधेरों को मिलेंगे आज ठेंगे
ये दीपक रात भर यूँ ही जलेंगे 

जो तोड़े पेड़ से अमरुद मिल कर 
दरख्तों से कई लम्हे गिरेंगे

किसी के होंठ को तितली ने चूमा
किसी के गाल अब यूँ ही खिलेंगे

गए जो उस हवेली पर यकीनन
दीवारों से कई किस्से झरेंगे

समोसे, चाय, चटनी, ब्रेड पकोड़ा
न होंगे यार तो क्या खा सकेंगे  

न जाना “पालिका बाज़ार” तन्हा
किसी की याद के बादल घिरेंगे

न हो तो नेट पे बैंठे ढूंढ लें फिर
पुराने यार अब यूँ ही मिलेंगे

मुड़ी सी नज़्म दो कानों के बुँदे
किसी के पर्स में कब तक छुपेंगे

अभी तो रात छज्जे पे खड़ी है
अभी जगजीत की गजलें सुनेंगे

29 टिप्‍पणियां:

  1. छोटे-छोटे ख़ुशी के अहसासों में झांकती जिंदगी..

    जवाब देंहटाएं
  2. मुड़ी सी नज़्म दो कानों के बुँदे
    किसी के पर्स में कब तक छुपेंगे

    वाह..लाज़वाब.. अलग बुनावट में सजी शानदार गज़ल..👌

    जवाब देंहटाएं
  3. अभी तो रात छज्जे पे खड़ी है
    अभी जगजीत की गजलें सुनेंगे

    बेहतरीन ... लाजवाब... अति सुन्दर !!

    जवाब देंहटाएं
  4. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (25-06-2019) को "बादल करते शोर" (चर्चा अंक- 3377) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  6. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" मंगलवार जून 25, 2019 को साझा की गई है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  7. जो तोड़े पेड़ से अमरुद मिल कर
    दरख्तों से कई लम्हे गिरेंगे

    बहुत ही सुंदर.

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर नाशवा जी . हमेशा की तरह ..

    जवाब देंहटाएं
  9. दरख्तों से कई लम्हे झरेंगे ....क्या लिखते हैं आप !

    जवाब देंहटाएं
  10. जो तोड़े पेड़ से अमरुद मिल कर
    दरख्तों से कई लम्हे गिरेंगे

    वाह..लाज़वाब शानदार गज़ल नासवा जी

    जवाब देंहटाएं
  11. न जाना “पालिका बाज़ार” तन्हा
    किसी की याद के बादल घिरेंगे

    न हो तो नेट पे बैंठे ढूंढ लें फिर
    पुराने यार अब यूँ ही मिलेंगे ...न जाने कितने पुराने दिनों के आगोश में चले गए होंगे आपके ये शब्द पढ़कर :)

    जवाब देंहटाएं

  12. Printing enthusiasts often seek innovative methods to customize their designs, and one popular option is dtf transfers. These transfers allow for vibrant, durable images on a variety of surfaces, making them ideal for personalized gifts or business branding. Many users find that dtf transfers provide a cost-effective solution with high-quality results. Whether for small projects or large-scale production, they are becoming increasingly favored in the printing community.

    जवाब देंहटाएं

  13. Bei der Implementierung eines Disaster-Recovery-Plans im Rechenzentrum https://csvisor.de/ ist es wichtig, klare Strategien für Tests und Übungen zu haben. Ein funktionierender Wiederanlaufprozess basiert auf regelmäßigen Simulationen, bei denen die Wiederherstellungszeit anhand von vorher festgelegten SLAs überprüft wird. Die Konfiguration der Backup-Parameter sollte in der Notfallplanung genau dokumentiert sein, etwa die Speicherung auf redundanten Servern innerhalb Europas und die Verschlüsselung mit AES-256. Auch das Testen der Failover-Prozeduren nach ISO 27001 Anhang A Punkt 14 sorgt dafür, dass im Ernstfall alles reibungslos funktioniert.

    जवाब देंहटाएं

आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है