स्वप्न मेरे: हया किसी के निगाहों का कह रही सच है ...

सोमवार, 4 फ़रवरी 2019

हया किसी के निगाहों का कह रही सच है ...


यही ज़मीन, यही आसमां, यही सच है 
यहीं है स्वर्ग, यहीं नर्क, ज़िन्दगी सच है

हसीन शाम के बादल का सुरमई मंज़र 
हथेलियों पे सजी रात की कली सच है

उदास रात की स्याही से मत लिखो नगमें  
प्रभात की जो मधुर रागिनी वही सच है  

ये तू है, मैं हूँ, नदी, पत्तियों का यूँ हिलना
ये कायनात, परिंदे, हवा सभी सच है

अभी जो पास है वो एक पल ही है जीवन
किसी के इश्क में डूबी हुई ख़ुशी सच है

कभी है गम तो ख़ुशी, धूप, छाँव, के किस्से
झुकी झुकी सी नज़र सादगी हंसी सच है

नज़र नज़र से मिली एक हो गयीं नज़रें
हया किसी के निगाहों का कह रही सच है

39 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन इंटरनेट माध्यमों की नश्वरता : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  2. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 6 फरवरी 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!


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  3. उदास रात की स्याही से मत लिखो नगमें
    प्रभात की जो मधुर रागिनी वही सच है . ....बहुत सुन्दर आदरणीय
    सादर

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  4. अभी जो पास है वो एक पल ही है जीवन
    किसी के इश्क में डूबी हुई ख़ुशी सच है
    बहुत खूब...., खूबसूरत अल्फाज़ोंं से सजी सुन्दर गज़ल ।

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  5. वाह
    बहुत सुंदर सृजन
    सादर

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  6. वाह ¡
    बहुत सुन्दर आशा और विश्वास से पगी सुंदर रचना।

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  7. बहुत खूब.... सुन्दर गज़ल ।

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  8. वाह!!बहुत खूबसूरत रचना है ....यही सच है !!

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  9. अभी जो पास है वो एक पल ही है जीवन
    किसी के इश्क में डूबी हुई ख़ुशी सच है
    ...बिल्कुल सच। सभी अशआरों में जीवन दर्शन का निचोड़। लाज़वाब प्रस्तुति

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  10. बहुत ही सुंदर रचना हैं सर जी

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  11. यहीं है स्वर्ग, यहीं नर्क, ज़िन्दगी सच है...
    वाह बहुत ही खूबसूरत।

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  12. लगभग सब सच कह दिया आपने......आदरणीय

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  13. यही ज़मीन, यही आसमां, यही सच है
    यहीं है स्वर्ग, यहीं नर्क, ज़िन्दगी सच है
    इन पंक्तियों का सच बहुत ही गहरे उतर गया...नासवा जी

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  14. उदास रात की स्याही से मत लिखो नगमें
    प्रभात की जो मधुर रागिनी वही सच है

    वाह sirji,
    बहुत खूब,हरेक line में एक एक सच लिख दिया आपने,बेहतरीन।

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  15. वर्तमान को सहजता से स्वीकारती रचना.

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  16. अभी जो पास है वो एक पल ही है जीवन
    किसी के इश्क में डूबी हुई ख़ुशी सच है....बहुत ही सटीक और व्यवहारिक शब्दों का प्रयोग करते हैं आप अपनी ग़ज़लों में ..जो मेरे जैसे सामान्य व्यक्ति के भी समझ में आ जाएँ ...बहुत खूब

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है