कविताओं के दौर से निकल कर प्रस्तुत है एक गज़ल, आशा है आप को पसंद आएगी ...
बाज़ुओं को तोल कर बोझा उठाना सीखिए
रुख हवा का देख कर कश्ती चलाना सीखिए
गम के बादल आज हैं कल धुप होगी गुनगुनी
दर्द होठों पर छुपा कर मुस्कुराना सीखिए
ज़िंदगी देती है मौका हर किसी इंसान को
लक्ष्य पर ही भेद हो ऐसा निशाना सीखिए
वादियों की हर अदा में प्रेम का संगीत है
पंछियों के साथ मिल कर गुनगुनाना सीखिए
ज़िंदगी में क्या पता फिर कौन से हालात हों
दुश्मनी को भूल कर रिश्ते बनाना सीखिए
बाज़ुओं को तोल कर बोझा उठाना सीखिए
रुख हवा का देख कर कश्ती चलाना सीखिए
गम के बादल आज हैं कल धुप होगी गुनगुनी
दर्द होठों पर छुपा कर मुस्कुराना सीखिए
ज़िंदगी देती है मौका हर किसी इंसान को
लक्ष्य पर ही भेद हो ऐसा निशाना सीखिए
वादियों की हर अदा में प्रेम का संगीत है
पंछियों के साथ मिल कर गुनगुनाना सीखिए
ज़िंदगी में क्या पता फिर कौन से हालात हों
दुश्मनी को भूल कर रिश्ते बनाना सीखिए
बहुत सुंदर गजल !
जवाब देंहटाएं089303FAAC
जवाब देंहटाएंTakipçi Satın Al
Whiteout Survival Hediye Kodu
Para Kazandıran Oyunlar
Free Fire Elmas Kodu
Total Football Hediye Kodu
4F95298D6B
जवाब देंहटाएंTakipçi Satın Al
Nested Sunucu Satın Al
Sigara Fiyatları