स्वप्न मेरे: तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन

सोमवार, 31 अगस्त 2020

तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन

सिक्कों का कुछ चाँद सितारों का बंधन.
चुम्बक है पर तेरी बाहों का बंधन.
 
दिन में भी तो चाँद नज़र आ जाता है,
इसने कब माना है रातों का बंधन.
 
तेरी आहट जैसे ही दरवाज़े पर,
खोल दिया बादल ने बूंदों का बंधन.
 
जो करना है अभी करो, बस अभी करो,
किसने जाना कब तक साँसों का बंधन.
 
तुमसे रौनक, तुमसे रोटी, सब्जी, दाल,
वरना ये घर चार दीवारों का बंधन.
 
सूरज की दस्तक को कब तक ठुकराते,
टूट गया सपनों की बातों का बंधन.

कब तक तेरा साथ, वक़्त का पता नहीं,
तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन.

24 टिप्‍पणियां:

  1. हर बार की तरह एक नई सोच..एक अपने ही अन्दाज़ में अलग सी भावाभिव्यक्ति..लाजवाब !!

    जवाब देंहटाएं
  2. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (01 -9 -2020 ) को "शासन को चलाती है सुरा" (चर्चा अंक 3810) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
  3. तेरी आहट जैसे ही दरवाज़े पर,
    खोल दिया बादल ने बूंदों का बंधन.
    वाह!!!!
    तुमसे रौनक, तुमसे रोटी, सब्जी, दाल,
    वरना ये घर चार दीवारों का बंधन.
    बहुत ही खूबसूरत यादों का बंधन....
    हमेशा की तरह उत्कृष्ट एवं लाजवाब सृजन।

    जवाब देंहटाएं
  4. कब तक तेरा साथ, वक़्त का पता नहीं,
    तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन.,,,,,,बाह क्या बात है सर बिलकुल अलहदा अंनदाज,बहुत सुंदर ।

    जवाब देंहटाएं
  5. वाहह..
    शायरी में ट्रीगर शब्द का उपयोग.. अलग ही बानगी है हर शेर की।
    बहुत बढ़ियाँ।

    जवाब देंहटाएं
  6. कब तक तेरा साथ, वक़्त का पता नहीं,
    तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन.
    बहुत खूब!

    जवाब देंहटाएं
  7. जो करना है अभी करो, बस अभी करो,
    किसने जाना कब तक साँसों का बंधन.
    वाह !! बहुत खूब, सादर नमस्कार आपको

    जवाब देंहटाएं
  8. नमस्कार नासवा जी, सूरज की दस्तक को कब तक ठुकराते,
    टूट गया सपनों की बातों का बंधन.
    कब तक तेरा साथ, वक़्त का पता नहीं,
    तेरा जाना ट्रिगर है यादों का बंधन....लाजवाब हैंं नज़्म में प‍िरोई... ''यादें ''

    जवाब देंहटाएं
  9. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 2 सितंबर 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  10. रोटी सब्ज़ी वाला शेर बहुत कमाल। सुन्दर ग़ज़ल।

    जवाब देंहटाएं
  11. तेरी आहट जैसे ही दरवाज़े पर,
    खोल दिया बादल ने बूंदों का बंधन.वाह बेहतरीन ग़ज़ल आदरणीय।

    जवाब देंहटाएं
  12. चुंबक तो आपके हर अंदाज में है .

    जवाब देंहटाएं
  13. EAF89AD755
    For those interested in the latest trends and resources, visiting dtfhub.com provides valuable insights and tools to stay ahead in the industry. The website offers a wide range of tutorials, tips, and updates that are essential for both beginners and professionals. By exploring dtfhub.com, users can enhance their skills and keep up with evolving technologies. It's a comprehensive platform designed to support continuous learning and growth.

    जवाब देंहटाएं

  14. In today's digital age, online safety should always be a top priority. It's important to be cautious when clicking on unfamiliar links, as they can sometimes lead to malicious sites. If you're unsure about a link's authenticity, you can verify its legitimacy or seek additional information. For more guidance, you can visit this resource by simply clicking here. Staying vigilant helps protect your personal information and maintain a secure browsing experience.

    जवाब देंहटाएं

आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है