स्वप्न मेरे: इंकलाबी हो गए

शनिवार, 10 जनवरी 2009

इंकलाबी हो गए

लाल पीले फ़िर गुलाबी हो गए
इश्क मैं हम भी शराबी हो गए

ताश के पत्तों का महल बुन लिया
और फ़िर हम भी नवाबी हो गए

लहू से लिक्खी थी इक ताज़ा ग़ज़ल
कलम से हम इंकलाबी हो गए

जब से तुम ने डायरी में रख लिये
फूल जीते जी किताबी हो गए

हाथ मेरे सर से क्या उसका उठा
शहर में खाना खराबी हो गए

ज़िक्र छेड़ा था अभी उनके सितम का
कहते हैं वो हम हिसाबी हो गए

24 टिप्‍पणियां:

  1. आखिरी शे'र के क्या कहने बहोत ही बढ़िया लिखा है बहोत खूब ...ढेरो बधाई आपको...


    अर्श

    जवाब देंहटाएं
  2. आखिरी शे'र के क्या कहने बहोत ही बढ़िया लिखा है बहोत खूब ...ढेरो बधाई आपको...


    अर्श

    जवाब देंहटाएं
  3. सुंदर प्रस्तुति.

    जवाब देंहटाएं
  4. जब से तुम ने डायरी में रख लिये
    फूल जीते जी किताबी हो गये

    लाजवाब बात, बहुत ख़ूब!


    ---मेरा पृष्ठ
    गुलाबी कोंपलें

    जवाब देंहटाएं
  5. एक एक शेर काबिले दाद..वाह वाह!!

    लहू से लिक्खी थी इक ताज़ा ग़ज़ल
    कलम से हम इंकलाबी हो गए


    क्या बात है साहेब!! जमाये रहिये.

    जवाब देंहटाएं
  6. वैसे तेवर तो तुम्हारे हमेशा इंकलाबी थे तो आज क्या नया हुआ जो लिखना पड़ा..जरा बताना तो. कहीं भाभी भारत तो नहीं आई हुई हैं?

    जवाब देंहटाएं
  7. जब से तुम ने डायरी में रख लिये
    फूल जीते जी किताबी हो गए
    wah !Wah! Wah!

    bahut hi umda! behtareen ghazal!

    जवाब देंहटाएं
  8. jab se tumne diary....................... wah bahut badhia sher. badhai.swapn

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत मार्मिक अभिव्यक्ति बहुत गहरे भावः भरी है आपकी कविता

    जवाब देंहटाएं
  10. ताश के पत्तों का महल बुन लिया
    और फ़िर हम भी नवाबी हो गए

    लहू से लिक्खी थी इक ताज़ा ग़ज़ल
    कलम से हम इंकलाबी हो गए

    क्या खूब लिखा है.......
    जब भी आपकी कोई रचना पढता हूं तो उसमें चंद अल्फाज या लाईने ऎसी होती हैं कि बहुत देर तक दिमाग में घूमती रहती हैं.
    अगली पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.....

    जवाब देंहटाएं
  11. आपका सहयोग चाहूँगा कि मेरे नये ब्लाग के बारे में आपके मित्र भी जाने,

    ब्लागिंग या अंतरजाल तकनीक से सम्बंधित कोई प्रश्न है अवश्य अवगत करायें
    तकनीक दृष्टा/Tech Prevue

    जवाब देंहटाएं
  12. वाह ! लाजवाब ! बहुत ही सुंदर लिखा है आपने....बहुत सुंदर गजल है.

    एक शेर पर ध्यान चाहूंगी.
    "जब से तुम ने डायरी में रख लिये
    फूल जीते जी किताबी हो गये"

    इसमे यदि ...." जब से तुम ने डायरी में रखा,फूल जीते जी किताबी हो गए...."
    किया जाए तो कैसा रहे?????

    जवाब देंहटाएं
  13. रंजना जी
    मुझे लगता है अगर शेर आपके तरीके से कहा जाए तो और भी अच्छा लगेगा

    जवाब देंहटाएं
  14. tash ke patto ka mahal bun liya phir ham bhi navabi ho gaye
    sapno ka sukh hi aisa hai na hokar bhi bahut kuch ho jata hai insan mahaz ek sapna chunkar

    जवाब देंहटाएं
  15. 42817D5D96
    Many researchers rely heavily on online resources to support their work, often citing reputable websites to add credibility. When referencing information, it is important to include proper citations to acknowledge original sources, such as SOURCE. This practice helps maintain transparency and academic integrity in your writing. Ensuring that citations are accurate and appropriately placed within the text is essential for clear communication.

    जवाब देंहटाएं

  16. When considering options for personalized crafting projects, many artists recommend exploring various transfer methods to achieve the best results. One popular choice is the dtf transfer film, which offers high-quality transfer capabilities. This film simplifies the process and ensures vibrant, durable designs on different surfaces. Whether you're a beginner or an experienced creator, using the right transfer film can significantly enhance your finished product.

    जवाब देंहटाएं

आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है