बन सकें जो लक्ष्य प्रेरित बाण हम
कर सकें जग का कभी जो त्राण हम
सार्थक हो जाएगा जीवन हमारा
कर सकें युग का पुनः निर्माण हम
कौन जाने समय में है क्या लिखा
क्या पता ख़ुद कृष्ण हों मेरे सखा
स्वयं का तर्पण करो कुरुक्षेत्र में
यूँ जलो ज्यों दीप की अग्नी शिखा
हृदय में अग्नी सदा जलती रहे
चिर-विजय की कामना पलती रहे
तेरे उपवन में खिले हों पुष्प सारे
स्नेह की सरिता प्रबल बहती रहे
वंदना है माँ तुम्हारे चरण में
है समर्पित शीश तेरे हवन में
पार्थ में बन जाऊँ यह वरदान दो
धनुष की टंकार गूंजे गगन में
शत्रु को हम ठीक से फ़िर जान लें
स्वयं के अस्तित्व को भी मान लें
फ़िर अतीत को नही विस्म्रण करें
संगठन की शक्ति को पहचान लें
वाह नासवा भाई बढ़िया कविता है
जवाब देंहटाएंख़ूब लिखा है आपने! वाह वाह।
bahot khub likha hai aapne dhero badhai kubul karen.........
जवाब देंहटाएंarsh
हृदय में अग्नी सदा जलती रहे
जवाब देंहटाएंचिर-विजय की कामना पलती रहे
तेरे उपवन में खिले हों पुष्प सारे
स्नेह की सरिता प्रबल बहती रहे
" जुनुन और साहस की उत्तम आक्रति वाह !'
regards
वंदना है माँ तुम्हारे चरण में
जवाब देंहटाएंहै समर्पित शीश तेरे हवन में
पार्थ में बन जाऊँ यह वरदान दो
धनुष की टंकार गूंजे गगन में
लाजवाब भाई.
रामराम.
aapke shabdon mein hain kuch khas jadu ,ye ab jaan le,
जवाब देंहटाएंaap mein hain bade rachnakaro se ghunn....ab ye maan le....
apne andar ke lekhak ko aur prabal kar
ab inn sundar rachnao ko kitab mein dhaal le..........
कौन जाने समय में है क्या लिखा
जवाब देंहटाएंक्या पता ख़ुद कृष्ण हों मेरे सखा
स्वयं का तर्पण करो कुरुक्षेत्र में
यूँ जलो ज्यों दीप की अग्नी शिखा
वाह्! आज तो आपने निशब्द कर डाला.इतनी भावपूर्ण कविता कि तारीफ के लिए सही शब्दों का चुनाव नहीं कर पा रहा हूं.
बहुत ख़ूब नसावा साहब!
जवाब देंहटाएं---मेरा पृष्ठ
तख़लीक़-ए-नज़र
वाह.. वाह... अच्छी रचना के लिये बधाई स्वीकारें.
जवाब देंहटाएंbahut khoob , bahut badhia likha naswa ji, aapka mere blog par swagat, aur dhanyawad mujhe apna favourite banane ke liye, naswa ji main bhi aapko apni pasandida list mein rakhna chahta hun parantu mujhe iska tareeka nahin pata , ho sake to batayein. aapki tippni ke liye dhanyawad punah. aapne to blog ka naam hi swapn mere.... rakha hai, are sahab hum to aapke ho hi gaye, aapki rachna ne dil jeet liya. swapn
जवाब देंहटाएंकौन जाने समय में है क्या लिखा
जवाब देंहटाएंक्या पता ख़ुद कृष्ण हों मेरे सखा
स्वयं का तर्पण करो कुरुक्षेत्र में
यूँ जलो ज्यों दीप की अग्नी शिखा
bahut hi achchee kavita hai.
aap ke lekhan mein hindi aur urdu dono ka bakhuubi istmaal hota hai..aap dono hi bhashaon mein parangat lagtey hain.
ek bahut hi achchee kavita ke liye aap ko dheron badhayee.
-Naye saal ki dheron shubhkamanon sahit--alpana
बहुत ही संजीदगी के साथ शब्दों को पिरो एक बेहतरीन रचना रची है आपने बहुत बहुत बधाई हो आपको
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी कविता
जवाब देंहटाएंमातृ-भू के चरण में रख शीश को.
जवाब देंहटाएंकर समर्पित तन-मन-मति-गति-प्राण को.
साँस तेरी लय रहे निज लक्ष्य में
माँग कर वरदान, दे दूँ स्वयं को.
-----उसी तरंग का प्रणाम स्वीकारें बन्धु!
भाई बेहद खूबसूरत कविता है ये आपकी...बधाई...ग़ज़लों के अलावा आपका कविता पर भी उतना ही अधिकार ये नहीं मालूम था...वाह.
जवाब देंहटाएंनीरज
बन सकें जो लक्ष्य प्रेरित बाण हम
जवाब देंहटाएंकर सकें जग का कभी जो त्राण हम
सार्थक हो जाएगा जीवन हमारा
कर सकें युग का पुनः निर्माण हम
दिगंबर भाई, बहुत अच्छी लगी आपकी यह रचना. ऐसे ही कलम चलती रहे, सार्थक लिखती रहे!
प्रकाश जी, अर्श जी, सीमा जी, ताऊ, अनुषा, विनय जी, योगेन्द्र जी, स्वपन जी, अल्पना जी, मोहन जी, अशोक जी, साधक जी, नीरज जी, अनुराग जी, समीर जी और वो सभी जो मेरे ब्लॉग पर आते रहते हैं ........................आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया जो आपने अपना समय निकाल कर मुझे प्रोत्साहित किया, मेरा मार्ग-दर्शन किया. आगे भी ऐसी कवितायें लिख सकूँ इसका प्रयास करूंगा
जवाब देंहटाएंबहुत ही भावपूर्ण प्रार्थना माता भारती के चरणों में
जवाब देंहटाएंवाह ! अतिसुन्दर भावपूर्ण और प्रवाहपूर्ण मन मुग्ध करती हुई इस कविता हेतु बहुत बहुत आभार.
जवाब देंहटाएंमन को बाँध लिया इस भावपूर्ण कविता ने.आपके इन सुंदर भावो को नमन.
आपके काव्य में जज्बा है, भावनाए हैं। अतिउत्तम। शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंdigambar ji ,aapki is rachna ne to hamen aapka bhakt bana diya bhai ..
जवाब देंहटाएंdinkar ji ki jhalak dikhi..
dil se badhai ..
maine kuch nai nazme likhi hai ,dekhiyenga jarur.
vijay
Pls visit my blog for new poems:
http://poemsofvijay.blogspot.com/
कौन जाने समय में है क्या लिखा
जवाब देंहटाएंक्या पता ख़ुद कृष्ण हों मेरे सखा
स्वयं का तर्पण करो कुरुक्षेत्र में
यूँ जलो ज्यों दीप की अग्नी शिखा
achchi racha, sakaratmak vichron se otprot
बहुत गज़ब के कविता है सच में बहुत मज़ा आया एक एक लाइन में आपका विचार चिंतन बहुत अलग है
जवाब देंहटाएंA278721AB9
जवाब देंहटाएंtakipçi satın al
m3u listesi
Para Kazandıran Oyunlar
Pokemon GO Promosyon Kodu
101 Okey Yalla Hediye Kodu
DDA1674141
जवाब देंहटाएंTakipçi Satın Al
3D Car Parking Para Kodu
Online Oyunlar
Kazandırio Kodları
Pubg Hassasiyet Kodu (Sekmeyen Hassasiyet Kodu)
1966D6D2C2
जवाब देंहटाएंMany online platforms now offer a wide range of tools to enhance your digital experience, making tasks more efficient and enjoyable. For those interested in exploring innovative resources, [1] provides a comprehensive collection of creative tools and ideas. By leveraging such platforms, users can unlock new possibilities and stay ahead in the digital age. Staying informed and adaptable is key to success in today’s fast-paced environment.