स्वप्न मेरे: सपना माँ का ...

रविवार, 4 अगस्त 2013

सपना माँ का ...

मैं देखता था सपने कुछ बनने के 
भाई भी देखता था कुछ ऐसे ही सपने 
बहन देखती थी कुछ सपने जो मैं नहीं जान सका 
पर माँ जरूर जानती थी उन्हें, बिना जाने ही   

सपने तो पिताजी भी देखते थे हमारे भविष्य के 
एक छोटे से मकान के, सुखी परिवार के    
समाज में, रिश्तेदारी में एक मुकाम के 

हर किसी के पास अपने सपनों की गठरी थी 
सबको अपने सपनों से लगाव था, 
अनंत फैलाव था, जहां चाहते थे सब छलांग लगाना 
वो सब कुछ पाना, जिसकी वो करते थे कल्पना 

ऐसा नहीं की माँ नहीं देखती थी सपने 
वो न सिर्फ देखती थी, बल्कि दुआ भी मांगती थी उनके पूरे होने की 
मैं तो ये भी जानता हूं ...   
हम सब में बस वो ही थीं, जो सतत प्रयास भी करती थी 
अपने सपनों को पूर्णतः पा लेने की 

हाँ ... ये सच है की एक ही सपना था माँ का   
और ये बात मेरे साथ साथ घर के सब जानते थे   
और वो सपना था ... 
हम सब के सपने पूरे होने का सपना  
उसके हाथ हमारे सपने पूरे होने की दुआ में ही उठते रहे   

हालंकि सपने तो मैं अब भी देखता हूँ 
शायद मेरे सपने पूरे होने की दुआ में उठने वाले हाथ भी हैं     

पर मेरे सपने पूरे हों ... 
बस ऐसा ही सपने देखने वाली माँ नहीं है अब ... 

  

72 टिप्‍पणियां:

  1. हर किसी के पास अपने अपने सपनों की गठरी और उन सन सपनों की गठरी के लिए दुआ करती माँ...

    आँखें सजल हो गयी इस दृश्य के ताने बाने से!

    आज भी जहां होंगी करती होंगी दुआ अपनों के सपनों के लिए और उन सपनों के पूरे होने पर आह्लादित भी होती होंगी..., आपकी कविताओं... अभिव्यक्तियों को महसूस कर अवश्य गर्वान्वित भी होती होंगी!

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  2. हर बच्चा का सपना माँ का अपना सपना होता है और
    सपने को पूरा करने के लिए जी जान से कोशिश भी करती है
    माँ अभी साथ नहीं है तो क्या उनकी दुआ हमेशा साथ है…… भावनाओं से भरी अभिव्यक्ति

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  3. भावनाओं से भरी अभिव्यक्ति

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  4. जाने के बाद हम देखते हैं उनके सपने, जो देखते थे हमारे सपनों के सपने....

    कुछ खाली जगहें कभी भरती क्यूँ नहीं :-(

    सादर
    अनु

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  5. हालंकि सपने तो मैं अब भी देखता हूँ
    शायद मेरे सपने पूरे होने की दुआ में उठने वाले हाथ भी हैं

    ......भावभरी पंक्तियाँ..बहुत सुन्‍दर..नि:शब्‍द हूँ इस अभिव्‍यक्ति पर !!

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  6. बेहद सुन्दर भावनाओं से भरी अभिव्यक्ति।

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  7. हाँ ... ये सच है की एक ही सपना था माँ का
    और ये बात मेरे साथ साथ घर के सब जानते थे
    और वो सपना था ...
    हम सब के सपने पूरे होने का सपना
    उसके हाथ हमारे सपने पूरे होने की दुआ में ही उठते रहे

    सुन्दर भाव !

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  8. ऐसा न कहे ..माँ सशरीर नहीं हैं पर उनके सपने तो हैं..

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  9. माँ साथ हो न हो पर उसकी दुआएं अनंत काल तक साथ रहती है...जो हमें प्रतीत करती है हर सपना पूरा करने को...

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  10. उनकी यादें तो हैं.......ये उनके होने के बराबर ही हैं।

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  11. सपने
    वो न सिर्फ देखती थी, बल्कि दुआ भी मांगती थी उनके पूरे होने की,
    maa se jyada aur kaun khush hota hai
    bahut sundar lagi yah pankti !

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  12. माँ के सपनें तो खुद उसके बच्चे होते हैं
    और उनके सपनों का पूरा होना ही जैसे माँ के सपने का पूरा होना है
    सुन्दर भावमयी
    सादर !

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    आभार आदरणीय भाई जी-

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  14. मां ही वो है जो साथ न होकर भी हमेशा पास होती हैं..जब भी परेशान होते हैं बस उन्हीं को पुकारते हैं..जब तक हम जीवित हैं वो हमारे दिल में जीवित हैं.. regards,

    parul

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  15. वही सबके सपने साधती है,
    सबके बढ़ने की आस पालती है।

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  16. बहुत बढ़िया लिखा आपने वह हमेशा हमारे साथ है

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  17. आपकी रचना हर बार आँखें नाम कर जाती है..... हृदयस्पर्शी

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  18. बहुत भावपूर्ण रचना .. सुन्दर अभिव्यक्ति .. आपकी इस रचना के लिंक की प्रविष्टी सोमवार (05.08.2013) को ब्लॉग प्रसारण पर की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें .

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  19. वो जहाँ भी होंगी , आशीषरूप सपना पूरा होने का सपना ही देख रही होंगी।

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  20. मां की दुआएं हमेशा साथ रहती हैं, बहुत ही बार्मिक रचना.

    रामराम.

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  21. ॐ शांति। दिल कहे बाबा तेरा शुक्रिया।

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  22. माँ का जीता जागता सपना उसका बच्चा होता है. जहाँ भी होगी उनका आशीष आपके लिए होगा ...

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  23. माँ के प्रति आपका प्रेम ,मन भर आया...
    एकदम सजीव रचना..कोमल, माँ के प्रति श्रद्धा और उनकी यादों से भरी हुयी ....
    :-)

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  24. सपने ..दुआ ..माँ जहाँ भी हैं वहाँ से अब भी देखती होंगी.
    हर सपना पूरा हो दुआ भी करती होंगी.
    भाव अभिव्यक्ति सरल और मन को छूने वाली है.

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  25. सपनों की गठरी और उन्हें पूरा होने की दुआ देती माँ भी एक दुआ ही है !

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  26. आज तलक वह मद्धम स्वर
    कुछ याद दिलाये, कानों में !
    मीठी मीठी लोरी की धुन ,
    आज भी आये, कानों में !
    आज मुझे जब नींद न आये,कौन सुनाये आ के गीत ?
    काश कहीं से,मना के लायें,मेरी माँ को, मेरे गीत !

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  27. ऐसा नहीं की माँ नहीं देखती थी सपने
    वो न सिर्फ देखती थी, बल्कि दुआ भी मांगती थी उनके पूरे होने की
    मैं तो ये भी जानता हूं ...
    हम सब में बस वो ही थीं, जो सतत प्रयास भी करती थी
    अपने सपनों को पूर्णतः पा लेने की

    वाह ,लाजवाब , ढेरो शुभकामनाये ,


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  28. भावभरी पंक्तियाँ, सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति के लिए आभार.

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  29. जब भी जीवन की नाव डगमगाई माँ तू बहुत याद आई..

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  30. माँ के सपने सिर्फ अपने बच्चों के लिए ही होते हैं और उसके हाथ उठते हैं दुआ को कि वे पूरे हो जाएँ..बहुत मर्मस्पर्शी रचना...

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  31. बस ऐसा ही सपने देखने वाली माँ नहीं है अब ...

    भावमय करते शब्‍द ... माँ हमेशा दुआ बन साथ ही रहती है

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  32. हाँ ... ये सच है की एक ही सपना था माँ का
    और ये बात मेरे साथ साथ घर के सब जानते थे
    और वो सपना था ...
    हम सब के सपने पूरे होने का सपना
    उसके हाथ हमारे सपने पूरे होने की दुआ में ही उठते रहे
    ...सच कहा आपने माँ ताउम्र घर-परिवार के लिए सपने देखती हैं अपने लिए सपने देखने की उसको कभी फुर्सत नहीं मिलती ...
    ममतामयी मर्मस्पर्शी कृति ..

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  33. भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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  34. सुना है ...देखा नही माँ को ..माँ की दुआये हमेशा साथ रहती है ,,,हाँ ,,महसूस भी किया है !

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  35. माँ के सपने में बच्चों के सपने ही होते हैं । आप तो माँ को जानने में सिध्द हस्त हैं ।

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  36. सब के सपने पूरे होने का,सब को प्रसन्न देखने का माँ का सपना अब बेटे को पूरा करना है !

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  37. हर माँ सपने देखती है पर जिसके पूरे हो जाते हैं अपने को बहुत भाग्यशाली समझती है अपने अरमानों को पूरा होते देख बहुत खुश होती है और उसके दिल से दुआ ही निकलती है |
    आशा

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  38. और वो सपना था ...
    हम सब के सपने पूरे होने का सपना

    sahaj, saras, sundar
    badhaaiyaan

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  39. हकीकत तो यही है की आपके शब्द पढ़कर ऐसे डूब जाता हूँ की कुछ कहा नहीं जाता. सचमुच निःशब्द हूँ मन को इस तरह छू गयी है ये रचना.

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  40. जीवन के जिस दौर में हम प्रवेश कर चुके हैं...ऐसे में तो बस अपने बड़ों को जाते ही देखना रह गया है .....बस उनसे जुडी यादों को समेट खुश रहे यही श्रद्धांजलि हम उन्हें दे सकते हैं.

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  41. आपकी ये तीनों रचनाएँ रुला गईं. लंबी बीमारी के दौरान कौमा में रह आया. होश में आते ही माँ की याद आई थी. माँ जैसा दूसरा तोहफ़ा इस कुदरत में नहीं.

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  42. बस ऐसा ही सपने देखने वाली माँ नहीं है अब ...
    -
    -
    आँखें नम हो गयीं
    बहुत ही भावपूर्ण और सशक्त रचना

    आभार / शुभ कामनाएं

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  43. भावुक...अति संवेदनशील।।।

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  44. भावपूर्ण रचना ......

    प्रेम मे नहला गई जब जम के तेरी डांट खाई
    माँ के हाथों की बनी जब दाल रोटी याद आई....

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  45. शुक्रिया भाई साहब। ॐ शांति। थेंक यु बाबा।

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  46. माँ की आत्मा और उनका आशीर्वाद सदा आपके साथ रहेगा .....बहुत सुंदर लिखा है ...हृदयस्पर्शी ....!!

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  47. माँ का सपना घर परिवार के सपनों से जुड़ा होता है ... आज भी आपको यही एहसास होता होगा एचआर सपने के साथ माँ की दुआ जुड़ी है । सुंदर प्रस्तुति

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  48. पोस्ट के साथ ही पोस्ट पर आई भावपूर्ण टिप्पणियां भी मन गदगद कर रही हैं। बहुत सुंदर।

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  49. भावनापूर्ण रचना के लिए बधाई स्वीकारें !

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  50. और वो सपना था ...
    हम सब के सपने पूरे होने का सपना

    बस एक माँ ही ऐसे सपने देख सकती है ,और आप माँ के मन की गहराइयों में उतर ऐसी रचनाएं रच डालते हैं.

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  51. Mums are like that only..
    their children are above all :)

    really liked the inherent theme of you missing your maa

    soulful read.. loved it !!

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  52. और वो सपना था ...
    हम सब के सपने पूरे होने का सपना ........

    Bahut hii sundar Naaswa ji, hridaysparshii rachnaa.........

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  53. माँ ...की यादे बहुत गहरे तक समाई हुई है ..

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  54. MAN MEIN UTAR JAANE WAALE ATI
    MARMIK BHAVAABHIVAKTI .

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  55. माँ पर एक संग्रह निकाल रही हूँ ...अपनी दो कवितायेँ संक्षिप्त परिचय और फोटो भेज दें ....

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  56. बढिया रचना, बहुत सुंदर

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  57. वाह ! बहुत शानदार रचना

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  58. सपनों के पूरे होने की जो खुशी माँ के चेहरे पर दिखती है वह तो शायद खुद भी ना होती होगी.

    सुंदर भाव खूबसूरत अहसास.

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  59. Hamesha ki tarah behtareeen!
    bahut bhaavuk kar dene waali kavita hai ye!

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  60. हम सब के सपने पूरे होने का सपना
    उसके हाथ हमारे सपने पूरे होने की दुआ में ही उठते रहे
    - माँ की ममता के आगे सब कुछ छोटा है ... नमन!

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  61. सच में चाहे कितना भी बड़ा हो जाए बेटा...मुंचे सफेद हो जाएं..सिर से बाल उड़ने लगे...पर माता के लिए बेटा बच्चा ही से....और इन मां को कोई नहीं समझा सकता...इसलिए ये जैसी भी हैं मां हैं.. अच्छी हैं..प्यारी हैं।

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है